महाविद्यालय परिचय...

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में विकासखंड मुख्यालय छुरिया में स्थित शासकीय महाविद्यालय की स्थापना 14 अक्टूबर 1989 को हुई तथा यह छ.ग. शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित संस्था है। यह महाविद्यालय पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से सबंद्वता प्राप्त है। प्रसिद्व तीर्थ स्थल (माँ बम्लेश्वरी देवी) समीपस्थ है जो दक्षिण पूर्व मंडल रेलखंण्ड में रायपुर व नागपुर के मध्य में स्थित है। जिला मुख्यालय से छुरिया की दूरी 50 कि.मी. है, राष्ट्रीय राजमार्ग 06 से छुरिया की दूरी 08 कि.मी है।

वर्तमान में यह महाविद्यालय नवीन भवन में संचालित है स्थापना वर्ष में यहां सिर्फ 10 विद्यार्थियों के लिए कला संकाय के अंतर्गत हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल विषय में अध्यापन की व्यवस्था थी किन्तु बाद के वर्तमान वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या 339 है। इस महाविद्यालय में प्रथम प्राचार्य के रूप में डाॅ. आर.एन. सिंह, (रक्षा सचिव पदक) की पदस्थापना हुई जो कि लगभग दो माह ही पदस्थ रहे।

07 दिसम्बर 2001 को छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय रायपुर के द्वारा शासकीय महाविद्यालय छुरिया जिला राजनांदगांव का नाम शासकीय रानी सूर्यमुखी देवी महाविद्यालय छुरिया के नाम से नामांतरण किया गया ।

   परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थीयों एवं उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या

सत्र सम्मिलित परीक्षार्थीयों की संख्या उत्तीर्ण परीक्षार्थीयों की संख्या
2011 235 159
2012 273 123
2013 271 185


   छात्र संख्या 1989 से 2013 तक

वर्ष छात्र संख्या
1989 - 90 10
1990 - 91 51
1991 - 92 53
1992 - 93 70
1993 - 94 80
1994 - 95 103
1995 - 96 155
1996 - 97 147
1997 - 98 170
1998 - 99 111
1999 - 2000 151
2000 - 01 140
2001 - 02 163
2002 - 03 166
2003 - 04 140
2004 - 05 144
2005 - 06 130
2006 - 07 141
2007 - 08 79
2008 - 09 148
2009 - 10 216
2010 - 11 245
2011 - 12 289
2012 - 13 290
2013 - 14 339


महाविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के उपलक्ष्य पर पदक प्रदाय.

1. श्री तोशक कुमार मरकाम द्वारा - बी.ए. भाग एक में सर्वोच्य अंक प्राप्त करने पर पदक प्रदाय।

2. श्री बी.के.देवांगन, प्राचार्य षासकीय रानी सूर्यमुखी देवी महाविद्यालय छुरिया द्वारा स्व. श्री कोमल राम देवांगन के स्मूति में - बी.ए. भाग दो में सर्वोच्य अंक प्राप्त करने पर पदक प्रदाय।

3. डॉ. (कु.) हेमलता मोहबे (सेवानिवृत प्राचार्य) राजनांदगांव द्वारा श्री मोहन मुरारी मोहबे की स्मृति में - बी.ए. भाग तीन में सर्वोच्य अंक प्राप्त करने पर पदक प्रदाय।

4. श्री रामचंन्द्र पांण्डेय अंबागढ़ चैकी द्वारा स्व. श्री राजेन्द्र पांण्डेय (बेटा) के स्मृति में - बी.ए. भाग तीन में सर्वोच्य अंक प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक प्रदाय।

5. श्री रामचंन्द्र पांण्डेय अंबागढ़ चैकी द्वारा स्व. बहन षिश्या नरबदिया बाई के स्मृति में - बी.ए. भाग एक में सर्वोच्य अंक प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक प्रदाय।