प्राचार्य के कलम से...

महाविद्यालय में प्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण प्रगति हेतु मुक्त वातावरण में उनकी चिंतनधारा को विकसित होने का अवसर प्रदान करना महाविद्यालय का दायित्व है। जिसको महाविद्यालय पूर्ण तत्परता एवं लगन से निभा रहा है। विद्या रूपी संपत्ति अन्य प्रकार की संपत्तियों से सर्वोपरि होती है, अतः इसका अर्जन ही विद्यार्थियों के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। महाविद्यालय में श्रेष्ठ शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने हेतु पारदर्शी शिक्षण, निरंतर परीक्षण के साथ ही विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के मध्य निर्भीक सहचर्य का पालन किया जाता है।

विद्यार्थियों के पूर्ण विकास के लिए महाविद्यालय प्रतिबद्ध है, इस हेतु महाविद्यालय में एन.सी.सी., एन.एस.एस, कैरियर और काउंसलिंग सेल, प्लैसमेंट सेल की सुविधाओं के साथ ही विद्यार्थियों में आत्म विश्वास की वृद्धि एवं अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करने के लिए साहित्यिक, सांस्कृतिक, क्रीड़ा एवं संकायवार संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाता है। वर्तमान अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, अतः सामयिक संदर्भो के साथ व्यक्तित्व विकास, रोजगार के अवसर, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता एवं वैचारिक एवं बौद्धिक सामर्थ्य के निर्माण हेतु महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत् है, जिससे हमारे विद्यार्थियों को निरंतर परिवर्तनशील वैश्विक वातावरण में विकास के अवसर उपलब्ध हो सकें।

महाविद्यालय के विकास में जनभागीदारी समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सकारात्मक सहयोग भी अपनी भूमिका अदा कर रहा है। महाविद्यालय परिवार सभी के प्रति आभार व्यक्त करता है। महाविद्यालय का संचालन परिवार के सहयोग, समर्पण से सुचारू रूप से संचालित हुआ है, मैं सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूॅ।

अपेक्षा है आप महाविद्यालय के अनुशासन का परिपालन कर संचालित विभिन्न गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आत्मविश्वास परिपूर्ण नेतृत्व क्षमता को प्राप्त कर महाविद्यालय की पहचान स्थापित करने में अपनी महती भूमिका अदा करेंगे।

शुभकामनाओं के साथ...








प्राचार्यडॉ.राजेन्द्र शर्माशासकीय रानी सूर्यमुखी देवीमहाविद्यालय छुरिया