प्राचार्य के कलम से...

इस महाविद्यालय की स्थापना 14 अक्टूबर 1989 को हुई है जो अपने 24 वाँ पूर्ण करने जा रहा है। यहाँ सिर्फ कला संकाय पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है महाविद्यालय अपने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ - साथ साहित्यक सांस्कृतिक, क्रीडा एवं रा.से.यो. आदि विभिन्न विधाओं का आयोजन निरन्तर प्रतिष्ठापूर्ण ढंग से निर्वाह करते रहा है।

इस महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति द्वारा भी निरन्तर सुधार के लिए प्रतिबद्व है, इस संस्था के विकास और प्रगति के रास्ते पर हर बाधा का सामना करने का प्रयासरत रहा है। यह समिति महाविद्यालय, शिक्षित भावना का पोषण और पूरे व्यक्ति के विकास के लिए कटिबद्व रहा है। महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापकों की कमी को जनभागीदारी समिति के माध्यम से समय - समय पर पूरा किया जाता है जिससे अध्ययन - अध्यापन कार्य पूर्ण गति से संचालित होते रहता है।

मैं यह अपेक्षा करता हूं कि वे अपने प्रतिभा व विवके से महाविद्यालय का नाम रोशन करेंगें हमारे महाविद्यालय के प्राध्यापक गण शैक्षणिक परिवेश व मांग के अनुरूप महाविद्यालय अकादमी कार्यक्रम के साथ - साथ व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रमों व प्रशिक्षणों को प्राथमिकता दे रहा है ताकि छात्रों के शैक्षणिक गुणात्मक विकास हो सके, अध्ययन के प्रति एकाग्र निष्ठा के साथ अनुशासन का पालन करेंगे तो हमें बहुत अच्छी सफलता मिलेगी साथ ही साथ सांस्कृतिक,खेलकुद, रा.से.यो. तथा अन्य सभी गतिविधियों में अपनी सक्रियता का परिचय देकर महाविद्यालय की गरिमा में अभिवृद्वि करेंगे।

इसी शुभकामनाओं के साथ...








प्र.प्राचार्यबी.के.देवांगनशासकीय रानी सूर्यमुखी देवीमहाविद्यालय छुरिया